The personal diary
कोई मुझसे पूछ बैठा क्या मिलेगा किसी की निजी किताब में ?
कुछ लम्हे होंगे उतार-चड़ाव के,
कुछ किस्से होंगे उसके जीवन के हर पड़ाव के,
कहीं फूल खिले होंगे इश्क़ नामक गुलाब के,
तो कहीं होंगे ज़िक्र काटों द्वारा दिए ज़ख्मों के,
कहीं होंगे प्रश्न बिना जवाब के,
तो कहीं लिखे मिलेंगे अलफ़ाज़ उनके ख्वाब के,
कहीं वर्णन होंगे लोगो के बदलते स्वभाव के,
तो कहीं होंगे किस्से उनपर पड़े प्रभाव के,
कहीं मिलेंगे नशे शराब के,
तो कहीं मिलेंगे शौक नवाब के,
कुछ मिले या ना मिले !
कुछ मिले या ना मिले !
पर कुछ अनकहे राज तो मिलेंगे ही जनाब के।।
by - Yash Gupta
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