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Showing posts from January, 2020

कुछ अनकहे राज़

The personal diary   कोई मुझसे पूछ बैठा क्या मिलेगा किसी की  निजी किताब में ? मैंने भी जवाब देते हुए कहा ताव में, कुछ लम्हे होंगे उतार-चड़ाव के, कुछ किस्से होंगे उसके जीवन के हर पड़ाव के, कहीं फूल खिले होंगे इश्क़ नामक गुलाब के, तो कहीं होंगे ज़िक्र काटों द्वारा दिए ज़ख्मों  के, कहीं होंगे प्रश्न बिना जवाब के, तो कहीं लिखे मिलेंगे अलफ़ाज़ उनके ख्वाब के, कहीं वर्णन होंगे लोगो के बदलते स्वभाव के, तो कहीं होंगे किस्से उनपर  पड़े प्रभाव के, कहीं मिलेंगे नशे शराब के, तो कहीं मिलेंगे शौक नवाब के, कुछ मिले या ना मिले ! कुछ मिले या ना मिले ! पर कुछ अनकहे राज तो  मिलेंगे ही  जनाब के।।                                                                                                   by - ...

आखिर क्या होती है माँ

  आखिर क्या होती है माँ  जब दूर आ गए पता चला तब, आखिर क्या होती है माँ , इस दुनिया में हमें वो  लाती, सारा दर्द यूँ ही सह जाती , हर रात जाग जो हमें सुलाती,  आँखों का तारा हमें बुलाती , अच्छा भोजन जो हमें खिलाती,  खुद चाहे भूखी  रह जाती  , ऊँगली पकड़ चलना वो सिखाती,  गिरते जो हम तो हमें उठती, गलती करने पर डाँट लगाती,  हम  रूठें  तो हमें मानती , काम छोड़ जो हमे पढ़ाती,  न पड़ने पर मार लगाती , कभी -कभी  बाज़ार ले जाती,  जो चीज़ भी माँगो  तुम्हे दिलाती , बदले में  वो कुछ न पाती , हमें हँसते देख वो खुश हो जाती।।

लोग दूसरों को देख क्यों चलते है

लोग दूसरों  को देख क्यों चलते है  क्यों दूसरों को देख लोग अपनी राह बदलते हैं,  क्यों वे सबको देख उनके पीछे  चलते हैं।  क्यों घर से वे लक्ष्यहीन निकलते हैं , क्यों लोगों को देख उनके मन मचलते।  मोम होते हुए भी माटी के समान  आग में जलते हैं,  इसलिए कुछ बनने की जगह हर पल पिघलते है।  बहुत पछताते  हैं जब चलते ही फिसलते है , क्यों एक बार गिरने के बाद भी नहीं संभलते  है।  क्या इन्हे नहीं कोई समझाता जब ये ऐसा करते हैं , क्यों कोई नहीं कहता इनसे कुछ क्या सब इनसे डरते हैं।  ये भी हो सकता है की ये बात कभी ना सुनते हैं , और अनसुना कर सब बस आँख बंद कर बढ़ते हैं ।                                                                                                   by ...